संध्या शांताराम ने 50 और 60 के दशक में वी. शांताराम की कई फिल्मों में अभिनय किया। आज भी ‘झनक झनक पायल बाजे’, ‘दो आंखें बारह हाथ’, ‘नवरंग’ और मराठी फिल्म ‘पिंजरा’ के लिए संध्या शांताराम को याद किया जाता है। शनिवार को उनके निधन की सूचना मिली है।  

लंबे समय से बीमार थीं संध्या शांताराम 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संध्या शांताराम बढ़ती उम्र की समस्याओं से ग्रस्त थीं। लेकिन निधन किस कारण हुआ, इसकी जानकारी अभी मिली नहीं है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संध्या शांताराम के निधन की खबर से सिनेमा जगत में शोक का माहौल है। संध्या शांताराम के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शनिवार को शिवाजी पार्क स्थित वैकुंठ धाम में किया गया।

निर्देशक मधुर भंडारकर ने दी श्रद्धांजलि 

मधुर भंडारकर ने एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर संध्या शांताराम को श्रद्धांजलि दी है। वह अपने ट्वीट में लिखते हैं, ‘महान अदाकारा संध्या शांताराम जी के निधन से दुखी हूं। ‘पिंजरा, दो आंखें बारह हाथ, नवरंग और झनक झनक पायल बाजे जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाएं हमेशा याद रखी जाएंगी। उनकी अद्भुत प्रतिभा और मंत्रमुग्ध कर देने वाले नृत्य कौशल ने सिनेमा जगत पर एक अमिट छाप छोड़ी है। ओम शांति।’

बताते चलें कि संध्या शांताराम ने निर्माता वी शांताराम के साथ फिल्में ही नहीं की थीं, वह उनकी जीवनसंगिनी भी थीं।  

 





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