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Saira Banu Talks About Recent Meeting With Hema Malini After Years Shared Old Incident Of Janmashtami – Entertainment News: Amar Ujala



आज शनिवार 16 अगस्त को जन्माष्टमी के अवसर पर अभिनेत्री सायरा बानो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने हेमा मालिनी के साथ अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि दोनों अभिनेत्रियों की वर्षों बाद हाल ही में मुलाकात हुई। इस दौरान कुछ पुराने किस्से याद किए गए। इस कड़ी में जन्माष्टमी से जुड़ी एक याद का भी जिक्र आया, जिसका सायरा बानो और दिलीप कुमार की शादी से खास कनेक्शन है। जानिए…

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Saira Banu talks about recent meeting with Hema Malini after years shared old incident of Janmashtami

हेमा मालिनी-सायरा बानो
– फोटो : इंस्टाग्राम


वर्षों बाद हुई हेमा मालिनी से मुलाकात

सायरा बानो ने इंस्टाग्राम पर अपनी और हेमा मालिनी की तस्वीरें शेयर की हैं। इसके साथ लिखा है, ‘देखिए, हेमा और मैं बहुत समय से एक-दूसरे से मिलना चाहते थे, लेकिन जिंदगी ने अपने तरीके से हमें अलग रखा। कुछ वक्त पहले ही हेमा का फोन आया और मुझे तक नहीं चला कि वे मेरे दरवाजे पर थीं। हमने साथ में कुछ खूबसूरत वक्त बिताया, हंसी-मजाक का दौर चला और कई पुरानी यादें ताजा कीं। इस बीच हमें जन्माष्टमी का एक किस्सा याद आया, जिसने कुछ ही हफ्तों में मेरी जिंदगी बदल दी।

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Saira Banu talks about recent meeting with Hema Malini after years shared old incident of Janmashtami

हेमा मालिनी-सायरा बानो
– फोटो : इंस्टाग्राम


‘दीवाना’ के सेट पर पहली बार मिलीं सायरा बानो-हेमा मालिनी

हेमा मालिनी ने आगे कहा, ‘मैं पहली बार हेमा से साल 1966 में राज कपूर साहब की फिल्म ‘दीवाना’ के सेट पर मिली। वे अपने निर्माता अनंतस्वामी के साथ चेंबूर स्थित आरके स्टूडियो आई थीं और मुझे याद है कि मैं उनकी खूबसूरती देख मंत्रमुग्ध रह गई। इसके तुरंत बाद, हम साउथ के मनोरम कृष्णा राज सागर बांध पर शूटिंग के दौरान फिर मिले। हमारे कमरे सटे हुए थे और शाम को मेरी मां, हेमा, उनकी मां और मैं बड़े बरामदे में बैठकर अपनी खूबसूरती के राज साझा करते। मैंने उन्हें याद दिलाया कि कैसे अम्मा ताजगी और खुशबू के लिए अपने बालों में लोबान लगाती थीं। एक ऐसी बात जिसे सुनकर वे हैरानी से हंस पड़ीं कि मुझे कितना कुछ याद है’।


Saira Banu talks about recent meeting with Hema Malini after years shared old incident of Janmashtami

फिल्म ‘शागिर्द’ के एक सीन में सायरा बानो
– फोटो : वीडियो ग्रैब


‘दिल के बेहद करीब है जन्माष्टमी से जुड़ा किस्सा’

सायरा बानो ने आगे लिखा है, ‘मुझे यह भी याद आया कि कैसे दिलीप साहब और मैंने मद्रास में अनंतस्वामी द्वारा आयोजित एक बैठक में उनका परिचय प्रेस से कराया था। दिलीप साहब बहुत विनम्र थे कि वे उनका परिचय कराने वाले मुख्य व्यक्ति थे और हेमा उस याद से बेहद प्रभावित हुईं। कुछ समय पहले एक रियलिटी शो में उन्हें धरम जी के साथ इतनी खूबसूरती से नाचते हुए देखकर मेरा दिल खुश हो गया था। धरम जी ने उन्हें अपनी बांहों में भर लिया था और उनके बीच का प्यार और सहजता देखना बहुत सुखद था’। आगे लिखा है, ‘हेमा के साथ उस बातचीत के दौरान मैंने उन्हें जन्माष्टमी की एक और कहानी सुनाई जो मेरे दिल के बेहद करीब है’।


Saira Banu talks about recent meeting with Hema Malini after years shared old incident of Janmashtami

फिल्म ‘शागिर्द’ के एक सीन में सायरा बानो
– फोटो : वीडियो ग्रैब


दिलीप साहब के लिए भिजवाया शादी का प्रस्ताव

अभिनेत्री ने लिखा है, ‘फिल्म ‘शागिर्द’ में ‘कान्हा’ गाने का फिल्मांकन ठीक जन्माष्टमी के दिन हुआ था। हम नजीर हुसैन साहब के साथ फिल्मिस्तान स्टूडियो में शूटिंग कर रहे थे, जो मद्रास में दिलीप साहब के साथ ‘राम और श्याम’ पर भी काम कर रहे थे। डेट्स की कमी के कारण नजीर साहब मेरे साथ देर रात तक शूटिंग करते और फिर सुबह जल्दी फ्लाइट से दिलीप साहब के साथ काम करने चले जाते। उस रात मैं भगवान कृष्ण की मूर्ति के सामने लताजी की मनमोहक आवाज में भजन गा रही थी तो मैंने शरारती अंदाज में नजीर साहब से कहा, ‘आप दिलीप साहब के साथ काम कर रहे हैं। आप कितने भाग्यशाली हैं! प्लीज उन्हें बताएं कि सायरा उनके साथ काम करने के लिए बेताब हैं और अगर वह मना करते हैं, तो उनसे मुझसे शादी करने के लिए कह दें’!

जन्माष्टमी लेकर आई जीवन का प्यार

एक्ट्रेस आगे लिखती हैं, ‘नजीर साहब एक पल के लिए मेरी बात सुनकर स्तब्ध रह गए और फिर जोरदार अंदाज में हंसे, जिसके लिए वे इतने मशहूर थे। अगली सुबह उन्होंने कर्तव्यनिष्ठ से मेरा मजेदार संदेश दिलीप साहब तक पहुंचाया। मुझे बताया गया है कि दिलीप साहब शायद अपनी शर्मिंदगी छिपाने के लिए शालीनता से मुस्कुराए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कुछ ही दिनों में वे मेरी जिंदगी में आए। मेरी आंखों में देखा और मेरी दादी और मां से मेरा हाथ मांगा। जब मैं अब पीछे मुड़कर सोचती हूं तो मुझे एहसास होता है कि जन्माष्टमी हमेशा मेरे लिए अनमोल आशीर्वाद, दोस्ती, प्यारी यादें और मेरे जीवन का प्यार लेकर आई है। हेमा के साथ ये किस्से साझा करने से ये यादें और भी मीठी हो गईं’।






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