इमेज स्रोत, Getty Images19 सितंबर 2025अमेरिका में कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भारतीय छात्र मोहम्मद निज़ामुद्दीन के पिता ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपने बेटे का शव जल्द से जल्द यहां लाने में मदद की अपील की है.निज़ामुद्दीन के पिता मोहम्मद हुस्नुद्दीन ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि उन्हें इत्तिला मिली कि कैलिफ़ोर्निया पढ़ने गए उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई है.पुलिस का कहना है कि निज़ामुद्दीन ने अपने रूममेट पर चाकू से हमला किया था. कहा जा रहा है कि निज़ामुद्दीन को पुलिस ने एक मुठभेड़ में मारा है, लेकिन पुलिस विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है.यह घटना 3 सितंबर की है, लेकिन परिवार को उसकी मौत की ख़बर दो हफ़्ते बाद पता चली.तेलंगाना के महबूबनगर ज़िले के रहने वाले मोहम्मद निज़ामुद्दीन के परिवार वालों ने बताया कि वे 2016 में पढ़ाई के लिए फ़्लोरिडा कॉलेज गए थे. एमएस पूरा करने के बाद उन्होंने एक कंपनी में सॉफ़्टवेयर प्रोफेशनल के रूप में नौकरी शुरू की और प्रमोशन मिलने पर कैलिफ़ोर्निया चले गए थे.निज़ामुद्दीन के परिवार वालों ने क्या बतायाइमेज स्रोत, ANIइमेज कैप्शन, निज़ामुद्दीन के पिता हुस्नुद्दीन ने कहा है कि भारत सरकार उनके बेटे के शव को जल्द से जल्द यहां लाने में मदद करे. निज़ामुद्दीन के पिता मोहम्मद हुस्नुद्दीन ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि बेटे के एक दोस्त से मिली जानकारी के अनुसार यह घटना 3 सितंबर को हुई.लेकिन उस दिन वास्तव में क्या हुआ, यह अभी साफ़ नहीं है.हुस्नुद्दीन ने केंद्र सरकार से अपने बेटे का पार्थिव शरीर भारत लाने में मदद करने की अपील की है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है, “आज सुबह मुझे पता चला कि (निज़ामुद्दीन) को सांता क्लारा पुलिस ने गोली मार दी और उनका पार्थिव शरीर सांता क्लारा, कैलिफ़ोर्निया के किसी अस्पताल में रखा है. मुझे नहीं पता कि पुलिस ने उन्हें क्यों गोली मारी.”हुस्नुद्दीन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील की है कि वे अमेरिका में भारतीय दूतावास (वॉशिंगटन डीसी) और सैन फ़्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को निर्देश दें, ताकि उनके बेटे का पार्थिव शरीर महबूबनगर लाने में मदद की जा सके.मृतक के पिता ने बताया कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक़, उनके बेटे और रूममेट के बीच किसी मामूली बात को लेकर कहासुनी हुई थी. हालांकि इस घटना के पूरे विवरण अभी साफ़ नहीं हैं.इस बीच निज़ामुद्दीन के एक रिश्तेदार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि निज़ामुद्दीन के पड़ोसी ने पुलिस को उस समय बुलाया जब उनके रूममेट के साथ एसी को लेकर हुआ झगड़ा बढ़कर चाकू तक पहुंच गया.रिश्तेदार ने कहा, “जब पुलिस कमरे में दाख़िल हुई तो उन्होंने सभी से हाथ उठाने को कहा. एक लड़के ने आदेश का पालन किया, दूसरे ने नहीं किया. इसके बाद पुलिस ने चार राउंड फ़ायरिंग की और बच्चा गोली का शिकार हो गया. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि रिपोर्ट्स के अनुसार ठीक से जांच नहीं हुई और इतनी जल्दी गोली चला दी गई.”अमेरिकी पुलिस ने क्या कहाइमेज स्रोत, SANTA CLARA POLICEइमेज कैप्शन, सांता क्लारा पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि निज़ामुद्दीन उसकी गोली से मारे गए अमेरिका में सांता क्लारा पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “पुलिस विभाग ने 3 सितंबर को चाकूबाज़ी की घटना पर एक घर से सुबह छह बजकर आठ मिनट पर आई कॉल पर कार्रवाई की.”पुलिस ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया था, “कॉल करने वाले का कहना था कि संदिग्ध ने उस घर में रहने वाले एक शख़्स को चाकू मार दिया है. इसके बाद सांता क्लारा पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. वहां उनका सामना संदिग्ध से हुआ और फिर हालात फ़ायरिंग तक पहुंच गए.”पुलिस के मुताबिक़, “संदिग्ध को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. जिस व्यक्ति को चाकू मारा गया उसे एक स्थानीय अस्पताल में भेजा गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. इस मुठभेड़ में शामिल पुलिस अफ़सर को कोई चोट नहीं पहुंची है.”पुलिस चीफ़ कोरी मॉर्गेन का कहना था कि “पुलिस जब उस मकान पर पहुंची तो दो लोगों में झगड़ा हो रहा था. संदिग्ध ने उस मकान में रहने वाले दूसरे शख़्स पर चाकू से हमला कर दिया था. पुलिस के वहां पहुंचने पर उसने दोबारा हमले की धमकी दी थी.”एक सप्ताह में दो भारतीयों की मौत इमेज स्रोत, Chandramouli Nagamallaiahइमेज कैप्शन, हाल में भारतीय मूल के 50 वर्षीय चंद्रमौली नागमल्लैया की अमेरिका के टेक्सस में हत्या कर दी गई थी.इस हफ़्ते अमेरिका में एक और भारतीय की हिंसक वारदात में मौत हुई.डलास से आई रिपोर्ट्स के मुताबिक़, चंद्रमौली पर मोटल के कर्मचारी योरदानिस कोबोस-मार्टिनेज ने हमला किया था.आरोप है कि चंद्रमौली ने एक दूसरे कर्मचारी से वॉशिंग मशीन की मरम्मत से जुड़ी हिदायतें मार्टिनेज तक पहुंचाने को कहा था. इसके बाद उन पर कई बार वार किया गया और उनका क़त्ल कर दिया गया.एक पड़ोसी ने कहा, “यह बहुत ही भयानक वीडियो था.”चंद्रमौली पहले बेंगलुरु के तिप्पासंद्रा में छोटा रेस्टोरेंट चलाते थे. बाद में वे आरटी नगर चले गए और वहां पेइंग गेस्ट (पीजी) का कारोबार शुरू किया.हालांकि इस हत्या के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अब कड़ी कार्रवाई का समय आ गया है. लेकिन उन्होंने इस तरह की हिंसा के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन को ज़िम्मेदार ठहराया.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यह सिर्फ़ एक हत्या नहीं, बल्कि अमेरिका की सुरक्षा और इमिग्रेशन नीति से जुड़ा गंभीर सवाल है.ट्रंप ने लिखा, “मुझे डलास, टेक्सस में चंद्र नागमल्लैया की हत्या की भयावह ख़बरें मिली हैं. वह एक सम्मानित व्यक्ति थे, जिन्हें उनकी पत्नी और बेटे के सामने क्यूबा से आए एक अवैध प्रवासी ने बेरहमी से मार डाला. ऐसे लोगों को हमारे देश में कभी नहीं होना चाहिए था.”2024 में भी अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हैदराबाद के एक 27 वर्षीय छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.यह वारदात विस्कॉन्सिन के मिलवॉकी शहर में हुई थी, जहां वह एक स्थानीय स्टोर में पार्ट-टाइम काम करते थे. शुरू में इसे इसे लूटपाट की घटना बताया गया था. मृतक की पहचान गम्पा प्रवीण कुमार के रूप में हुई थी, जो तेलंगाना के रंगारेड्डी ज़िले के केसामपेट मंडल के रहने वाले थे. वे विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय में डेटा साइंस के दूसरे वर्ष के एमएस छात्र थे.2023 में भी एक 23 वर्षीय भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला की मौत पुलिस की तेज रफ़्तार जीप की टक्कर से हो गई थी. ये हादसा सिएटल में हुआ था.इस घटना के बाद बॉडी कैम कैमरा में एक पुलिस वाले को इस घटना पर हंसते हुए देखा गया था. भारत सरकार ने इस मामले मे सख़्त एतराज जताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग थी.बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित



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