Homeअंतरराष्ट्रीयराजस्थान के एक गांव में मिला जुरासिक काल के मगरमच्छ का जीवाश्म

राजस्थान के एक गांव में मिला जुरासिक काल के मगरमच्छ का जीवाश्म



इमेज स्रोत, ANIइमेज कैप्शन, इस जीवाश्म की ख़ोज जैसलमेर ज़िले के मेघा गांव में हुई है….मेंAuthor, मेरिल सेबेस्टियनपदनाम, बीबीसी न्यूज़26 अगस्त 2025राजस्थान के जैसलमेर में शोधकर्ताओं को मगरमच्छ जैसी एक दुर्लभ प्रजाति का जीवाश्म मिला है. जुरासिक युग की इस प्रजाति को 20 करोड़ साल से भी ज़्यादा पुराना बताया जा रहा है.इस जीवाश्म को ‘फाइटोसॉर’ कहा जाता है. इसकी लंबाई डेढ़ से दो मीटर यानी क़रीब पांच से साढ़े छह फ़ीट के बीच है.इस जीवाश्म की ख़ोज जैसलमेर ज़िले के मेघा गांव में राज्य के जल विभाग में कार्यरत वरिष्ठ हाइड्रोजियोलॉजिस्ट डॉक्टर नारायणदास इंखिया और उनकी टीम ने की है.डॉ. इंखिया ने बीबीसी को बताया कि इस जगह पर ‘कई और छिपे हुए जीवाश्म’ हो सकते हैं, जिनसे विकास के इतिहास (हिस्ट्री ऑफ़ इवोल्यूशन) पर अहम और रोचक जानकारी मिल सकती है.उन्होंने आगे कहा, “यह क्षेत्र जीवाश्म पर्यटन के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थान के रूप में विकसित हो सकता है.”भूविज्ञानी सीपी राजेंद्रन ने बताया कि, “फाइटोसॉर एक एक ऐसा जीव था, जो नदी में भी रहता था और ज़मीन पर भी. बाद में यही विकसित होकर आज के मगरमच्छों में बदल गया.”पिछले हफ़्ते जब कुछ गांव वाले इस क्षेत्र में एक झील की खुदाई कर रहे थे, तभी उन्होंने सबसे पहले इन अवशेषों को देखा.लोगों ने ज़मीन पर कुछ ऐसी संरचनाएं देखीं जो किसी बड़े कंकाल जैसी लग रहीं थीं और उन्होंने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी.जब इस जगह की खुदाई की गई तो शोधकर्ताओं को एक ऐसा जीवाश्म अंडा भी मिला, जो संभवतः फाइटोसॉर का हो सकता है.यहां डायनासोर रहा करते थेइमेज स्रोत, Getty Imagesएनडीटीवी से बात करते हुए वरिष्ठ वैज्ञानिक और इस शोध टीम का नेतृत्व कर रहे वीएस परिहार ने कहा, “यह जीवाश्म एक मध्यम आकार के फाइटोसॉर का संकेत देता है, जो शायद करोड़ों साल पहले यहां किसी नदी के किनारे रहता था और मछलियाँ खाकर जीवित रहता था.”राजेंद्रन ने कहा कि यह अवशेष ‘संभवतः एक दुर्लभ जीवाश्म नमूना’ है क्योंकि अब तक दुनिया के अन्य हिस्सों में केवल फाइटोसॉर के कुछ ही हिस्से मिले हैं.ये खोजें अहम तो हैं लेकिन वैज्ञानिक इन्हें लेकर हैरान नहीं हैं क्योंकि माना जाता है कि कभी इस क्षेत्र के एक ओर नदी और दूसरी ओर समुद्र था.इंखिया ने बताया कि करोड़ों साल पहले जैसलमेर के इलाक़े में जुरासिक युग के दौरान डायनासोर खूब फले-फूले थे.साल 2023 में, इंखिया और उनकी टीम ने जैसलमेर में एक जीवाश्म अंडा खोजा था, जिसे डायनासोर का माना जाता है.साल 2018 में, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया) के वैज्ञानिकों ने यहां खुदाई कर जीवाश्म निकाले थे, जो यहां पाए गए अब तक के सबसे पुराने शाकाहारी डायनासोर के जीवाश्म साबित हुए.(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)



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