इमेज स्रोत, AFP via Getty Imagesइमेज कैप्शन, भारतीय टीम इस विश्व कप की तैयारी के लिए ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 14 सितम्बर से तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलेगी. शेफाली वर्मा इस टीम में नहीं हैं…..में30 सितम्बर से 2 नवम्बर तक आयोजित होने वाले आईसीसी महिला विश्व कप की टीम में आक्रामक ओपनर शेफाली वर्मा का नाम नहीं देखकर थोड़ी हैरानी हुई है.यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से होस्ट कर रहे हैं.नीतू डेविड की अगुवाई वाली बीसीसीआई महिला चयन समिति ने भारत को पहली बार विश्व कप जिताने को ध्यान में रखते हुए टीम चुनने में कोई जोखिम नहीं उठाया है.भारतीय टीम इस विश्व कप की तैयारी के लिए ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ 14 सितम्बर से तीन वनडे मैचों की सीरीज़ खेलेगी. इस सीरीज़ से पहले टीम का विशाखापत्तनम में एक हफ़्ते का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा.यह शिविर विशाखापत्तनम में लगाए जाने की वजह यह है कि भारत को इस शहर में विश्व कप के दो मैच दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ खेलने हैं.चयन समिति ने महिला विश्व कप की टीम चुनते समय शेफाली वर्मा के एक्स-फैक्टर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली प्रतिका रावल को वरीयता दी है.शेफाली पर दी प्रतिका को वरीयताइमेज स्रोत, AFP via Getty Imagesइमेज कैप्शन, बीसीसीआई ने आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के लिए टीम घोषित कर दी है. हरमनप्रीत कौर कप्तान हैं.असल में अक्टूबर 2024 के बाद अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच न खेलने की वजह से शेफाली के चयन में बाधा आई.शेफाली को चयन समिति ने वैकल्पिक ओपनर के तौर पर भी नहीं चुना. यह स्थान यस्तिका भाटिया को दिया गया, क्योंकि वह ओपनर के तौर पर खेलने की महारत रखने के साथ ज़रूरत पड़ने पर विकेटकीपिंग भी करती हैं.शेफ़ाली को जून में श्रीलंका और जुलाई में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ वनडे सीरीज़ में नहीं खिलाए जाने से यह संकेत मिल गया था कि वह विश्व कप योजना का हिस्सा नहीं हैं.हालाँकि, शेफ़ाली ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया था, लेकिन चयनकर्ताओं टीम में निरंतरता बनाए रखने पर भरोसा किया.प्रतिका ने उठाया मौक़े का फ़ायदाइमेज स्रोत, AFP via Getty Imagesइमेज कैप्शन, प्रतिका रावल एक आक्रामक बल्लेबाज़ हैं. भारतीय टीम में एक समय स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जोड़ी की धूम रहती थी.लेकिन शेफाली के टीम से बाहर होने के बाद जब प्रतिका रावल को मौक़ा मिला तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. अपने धमाकेदार प्रदर्शन से उन्होंने चयनकर्ताओं को उन पर भरोसा करने के लिए मजबूर कर दिया.प्रतिका ने पिछले साल भारतीय वनडे टीम में जगह बनाने के बाद 14 पारियों में 87.43 के स्ट्राइक रेट से 703 रन बनाए हैं. यही नहीं, मंधाना के साथ इन 14 पारियों में से 10 में उन्होंने 50 से ज़्यादा रन जोड़े हैं, जिनमें चार शतकीय साझेदारियाँ शामिल हैं.शेफाली को दरअसल प्रतिका की जगह टीम में आने के लिए असाधारण प्रदर्शन करने की ज़रूरत थी. उन्होंने घरेलू वनडे मैचों में हरियाणा के लिए खेलते हुए 75.28 की औसत से 527 रन बनाए. इसके अलावा महिला प्रीमियर लीग में भी वह 304 रन बनाने में सफल रहीं. लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वनडे खेलने का मौक़ा न मिलने से वह अपने दावे को मज़बूती नहीं दे पाईं.रेणुका ठाकुर की हुई वापसीइमेज स्रोत, AFP via Getty Imagesरेणुका ठाकुर की वापसी से भारतीय टीम के पेस अटैक में धार आने की उम्मीद है. मुख्य चयनकर्ता नीतू डेविड ने कहा, “रेणुका हमारे लिए बहुमूल्य खिलाड़ी हैं. वह चोटिल थीं और अब पूरी तरह फिट होकर टीम में वापस आई हैं. यह एक महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है और हमें खुशी है कि वह इसका हिस्सा हैं.”रेणुका ठाकुर पिछले दिसम्बर में स्ट्रेस फ़्रैक्चर का शिकार हो गई थीं. उन्होंने महिला प्रीमियर लीग में वापसी तो की थी, लेकिन बहुत प्रभावित नहीं कर सकीं. इस कारण वह अंतरराष्ट्रीय मैचों में नज़र नहीं आईं. अब पूरी लय में आने के बाद वह टीम में अहम भूमिका निभाने को तैयार हैं.असल में रेणुका की अनुपस्थिति में चयन समिति ने सयाली सतघारे, साइमा ठाकोर, टीटास साधू और केशवी गौतम जैसे कई पेस गेंदबाज़ों को मौक़ा दिया. लेकिन कोई भी गेंदबाज़ ऐसा प्रदर्शन नहीं कर सका कि उसके चयन पर गंभीरता से विचार होता. यही वजह रही कि चयन समिति ने रेणुका को टीम में शामिल करना ही बेहतर समझा.युवाओं को भी दिया गया है मौकाइमेज स्रोत, AFP via Getty Imagesएन श्रीचरनी और क्रांति गौड़ दो ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्हें ज़्यादा अनुभव नहीं है. 2025 महिला प्रीमियर लीग से पहले तो इन्हें कोई जानता तक नहीं था.क्रांति गौड़ ने अब तक चार और श्रीचरनी ने केवल आठ वनडे खेले हैं. लेकिन इन मौक़ों पर किए गए शानदार प्रदर्शन से दोनों चयनकर्ताओं को प्रभावित करने में सफल रहीं.श्रीचरनी और क्रांति गौड़ के बारे में महिला प्रीमियर लीग फ़्रेंचाइज़ियों से मिला पॉज़िटिव फ़ीडबैक भी इनके टीम चयन का कारण बना.श्रीचरनी ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टी-20 सीरीज़ में भारत को 3-2 से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इस सीरीज़ में उन्होंने 10 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द सीरीज़ का ख़िताब जीता. उन्होंने दिखाया कि दबाव के समय भी वह शांत रहते हुए विकेट निकालने की कोशिश करती हैं. शायद यही उनकी सबसे बड़ी ख़ूबी है जिसने उन्हें सफल बनाया.वहीं मध्य प्रदेश की पेस गेंदबाज़ क्रांति गौड़ की सबसे बड़ी ताक़त उनकी गति है. इंग्लैंड के ख़िलाफ़ वनडे सीरीज़ में उन्होंने 115 किमी प्रति घंटा तक की रफ़्तार निकालकर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया.भारत और इंग्लैंड के बीच चेस्टर-ली-स्ट्रीट में खेले गए पाँचवें और निर्णायक वनडे मैच में क्रांति ने 52 रन देकर छह विकेट लिए और भारत को मैच और सीरीज़ जिताने में अहम भूमिका निभाई.टीम की जान है स्पिन अटैकइमेज स्रोत, AFP via Getty Imagesयह विश्व कप भारतीय उपमहाद्वीप में खेले जाने की वजह से स्पिन का बोलबाला रहने की संभावना है, इसलिए टीम चयन में स्पिन पर ख़ास ध्यान दिया गया है. इस टीम में दीप्ति शर्मा की अगुवाई में स्नेह राणा, राधा यादव और श्रीचरनी को शामिल किया गया है.दीप्ति शर्मा अपने अनुभव और गेंदबाज़ी पर नियंत्रण की वजह से हमेशा भारतीय आक्रमण की रीढ़ रही हैं. वहीं स्नेह राणा ने जितनी मज़बूती से टीम में वापसी की है, शायद ही किसी और भारतीय खिलाड़ी ने की हो. उन्हें महिला टीम की ‘मोहिंदर अमरनाथ’ कहा जा सकता है.जहाँ तक राधा यादव का सवाल है, वह इंग्लैंड दौरे की टीम में शामिल नहीं थीं. लेकिन सुची उपाध्याय के चोटिल होने पर उन्हें टीम में लिया गया और उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी से तो छाप छोड़ी ही, साथ ही यह भी साबित किया कि वह शानदार फ़ील्डर हैं. उन्होंने कई बेहतरीन कैच पकड़े. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ए के ख़िलाफ़ भारत ए को सीरीज़ जिताने में भी उनकी अहम भूमिका रही, जिसकी वजह से वह विश्व कप टीम में जगह बनाने में सफल रहीं.भारतीय टीम की बल्लेबाज़ी बेहद मज़बूत है और यह इंग्लैंड दौरे पर साबित भी हो चुका है. लेकिन भारत को यदि पहली बार विश्व कप जीतकर अपना सपना पूरा करना है तो स्पिन चौकड़ी का कमाल अहम साबित होगा.भारतीय टीम – हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, हरलीन देओल, जेमिमा रोड्रीगेज़, ऋचा घोष, यास्तिका भाटिया, रेणुका सिंह ठाकुर, दीप्ति शर्मा, स्नेहा राना, श्री चरणी, राधा यादव, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित



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