धुआँ मुक्त रसोईघर के सपने को साकार करती पीएम उज्ज्वला योजना

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संकल्प यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने योजना के सकारात्मक पहलुओं पर प्रकाश डाला

देशभर में चल रही भारत सरकार की ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के दौरान प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना काफी वाह-वाही बटोर रही है । यात्रा के दौरान कई महिलाओं ने पीएम उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी सिलेंडर मिलने से उनके जीवन में आए सुखद परिवर्तनों को साझा किया। उल्लेखनीय है कि इस योजना के जरिये आसानी से एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध होने से महिलाओं को काफी राहत मिली हैं । चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी इकठ्ठी करने व धु एं में खाना पकाना के झंझट से मुक्ति मिलने से आम जन विशेषकर महिलाएं काफी खुश हैं । यात्रा के दौरान योजना के इस महत्व से अन्य लोगों को भी अवगत कराया जा रहा है।

वर्ष 2016 में लॉन्च की गयी इस योजना के तहत ( जिसमें करोड़ो महिलाएं शामिल हैं ) संकल्प यात्रा की एक महीने की अवधि में लगभग 3.77 लाख महिलाएं नामंकन करवा चुकी हैं । महिलाओं द्वारा साझा किए गए अनुभवों से स्पष्ट होता होता हैं कि पीएम उज्ज्वला योजना वास्तव में एक गेम चेंजर रही है, जिसने करोड़ों महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारा है।

आइए, हम सीमा कुमारी और बचन देवी के इस योजना से जुड़े अनुभवों पर नज़र डालें:

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की रहने वाली सीमा कुमारी अपनी रसोई में रोजाना कई परेशानियों का सामना करती थीं। सीमा को खाना पकाने के लिए लकड़ी इकट्ठा करनी पड़ती थी। वह धु एं के कारण सिरदर्द से पीड़ित रहती थी। चूल्हे में लकड़ी से खाना पकाने में भी काफी समय लगता है। धुआं मुक्त रसोई का विचार उनके लिए एक सपना बन गया था ।

इस बीच केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ ने उनके जीवन को बदल दिया। एलपीजी सिलेंडर मिलने से रसोई घर में उन्हें न केवल धुएं से मुक्ति मिली, बल्कि वे अपने परिवार के लिए बिना किसी परेशानी के समय पर खाना बनाने लगी। सीमा कुमारी इस अमूल्य योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपार आभार व्यक्त करती हैं क्योंकि इससे उनके जीवन में काफी सुधार हुआ है ।

इसी तरह, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले की बचन देवी को भी गैस चूल्हा न होने के कारण ऐसी ही परेशानियों से जूझना पड़ता था । हर रोज़ लकड़ी इकट्ठा कर धुएं में भोजन पकाने वाली बचन देवी ने तो इन सब दिक्क्तों को एक ‘अंतहीन समस्या’ मान लिया था। तभी पीएम उज्ज्वला योजना उनके जीवन में एक अप्रत्याशित सकारात्मक बदलाव लेकर आयी । इस योजना के तहत गैस सिलेंडर मिलने से उनकी इन समस्याओं का अंत हो गया और उनका जीवन भी बेहतर हुआ । सुश्री बचन देवी ने एलपीजी सिलेंडर के लिए (जिससे उन्हें लकड़ी इकट्ठा करने के थकाऊ कार्य से राहत मिली) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपार आभार व्यक्त किया । अब वह समय पर अपने बच्चों के लिए आसानी से भोजन बना पाती हैं ।

पीएम उज्ज्वला योजना से पहले महिलाओं का जीवन

पीएम उज्ज्वला योजना लांच होने से पहले हमारे देश में करोड़ों परिवार जलाऊ लकड़ी, कोयला और गाय के गोबर के उपलों जैसे खाना पकाने के पारंपरिक ईंधन का उपयोग करने के लिए मजबूर थे । भारतीय महिलाओं के लिए धु एं से भरी रसोई में भोजन पकाने की वजह से दिनभर खांसना और साँस लेने में परेशानी होना आम बात थी। यही नहीं, महिलाओं का स्वास्थय ख़राब होने के साथ-साथ कई पर्यावरण संबंधी चुनौतियां भी पैदा हो रही थी । ऐसे में महिलाओं ने इन समस्याओं से निजात पाने की उम्मीद ही छोड़ दी थी ।

इस बीच, भारत सरकार ने ग्रामीण और वंचित परिवारों को एलपीजी जैसे स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन उपलब्ध कराने के लिए मई 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) प्रारम्भ किया । इस पहल ने कई पीढ़ियों से रसोईघर में परेशानियां झेल रहीं गृहणियों के धुआँ मुक्त रसोई के सपने को साकार किया।

सीमा कुमारी और बचन देवी की कहानियां भारत में अनगिनत महिलाओं के जीवन से जुड़ी हैं । हालांकि उनके नाम, संस्कृतियां और पृष्ठभूमि भिन्न हैं लेकिन ये सभी महिलाएं एक समान भावना को साझा करती हैं – ‘वर्षों के संघर्ष से राहत और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए कृतज्ञता की भावना’।

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