‘भारतीय पूंजीगत सामान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि – चरण 2’ के अंतर्गत अब तक कुल 326.14 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं

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भारी उद्योग मंत्रालय ‘भारतीय पूंजीगत सामान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि – चरण 2’ योजना का कार्यान्वयन कर रहा है, जिसका उद्देश्य उद्योग 4.0 को अपनाने की सुविधा प्रदान करना और विनिर्माण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना, प्रौद्योगिकियों का स्वदेशीकरण और सामान्य सेवा अवसंरचना/परीक्षण सुविधाओं का निर्माण/ संवर्धन करना है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए इस योजना के अंतर्गत 250 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।

‘भारतीय पूंजीगत सामान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि – चरण 2’ योजना के अंतर्गत अब तक कुल 326.14 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस राशि का उपयोग परियोजना कार्यान्वयन संगठनों द्वारा पूंजीगत वस्तुओं और ऑटोमोटिव क्षेत्र से संबंधित विशिष्ट प्रौद्योगिकियों के विकास, सामान्य इंजीनियरिंग सुविधा केंद्रों की स्थापना, मौजूदा परीक्षण एवं प्रमाणन सुविधाओं में वृद्धि और कौशल स्तर 6 और उससे ऊपर के लिए योग्यता पैक के विकास के लिए किया जा रहा है।

एमएचआई ने 10,000 करोड़ रुपये की कुल बजटीय सहायता के साथ 01 अप्रैल, 2019 से शुरू होने वाले, पांच वर्षों की अवधि के लिए, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने और विनिर्माण चरण II (फेम इंडिया चरण II) योजना तैयार की। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए इस योजना के अंतर्गत 5171.97 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।

फेम इंडिया चरण II योजना सार्वजनिक एवं साझा परिवहन के विद्युतीकरण और चार्जिंग अवसंरचना के निर्माण का समर्थन करने पर केंद्रित है:

बजट के एक निर्दिष्ट भाग का उपयोग ईवी और उन्नत प्रौद्योगिकी के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने और समर्थन देने के लिए किया जाता है।

फेम इंडिया चरण II योजना के अंतर्गत, दिनांक 01.12.2023 तक 11,53,079 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री पर इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को 5,228 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। कुल 148 ईवी पब्लिक चार्जिंग स्टेशन (पीसीएस) चालू किए गए हैं। 28.03.2023 को, एमएचआई ने पीएसयू तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी)- – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) – को फेम II के अंतर्गत 800 करोड़ रुपये की मंजूरी की घोषणा की, जिससे पूरे देश में 7432 सार्वजनिक फास्ट चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की जा सके। इसके अलावा, एमएचआई ने विभिन्न शहरों/एसटीयू/राज्य सरकार की संस्थाओं को इंट्रासिटी परिचालन के लिए 6862 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है। वर्तमान में एसटीयू को6862 ई-बसों में से 3491 ई-बसों की आपूर्ति की जा चुकी है।

भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) को वर्ष 2023-24 के लिए बजट आवंटन का सारांश संलग्नक में दिया गया है।

यह जानकारी भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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