एक दौर था, जब बॉलीवुड में ‘मकड़ी’, ‘ब्लू अम्ब्रेला’, ‘तारे जमीन पर’ ‘चिल्लर पार्टी’ और ‘आई एम कलाम’ जैसी फिल्में बना करती थीं। ये सिर्फ फिल्में नहीं थीं, बच्चों की मासूमियत, भावनाओं और उनकी छोटी-सी दुनिया का सच्चा प्रतिबिंब थीं। लेकिन बीते कुछ वर्षों में इस तरह की फिल्मों का बनना और बड़े स्तर पर रिलीज होना लगभग थम सा गया है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बच्चों पर बनीं फिल्मों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 50 करोड़ तक भी नहीं पहुंच पाता, जबकि हॉलीवुड में बनी इस तरह की फिल्में सौ करोड़ तक कमा लेती हैं। यही अंतर धीरे-धीरे इस जॉनर को हाशिये पर धकेलता गया और बच्चों की फिल्में लगभग गायब हो गईं। आखिर ऐसा क्यों हुआ? जानते है एक्सपर्ट्स से…

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