इमेज स्रोत, Getty Imagesइमेज कैप्शन, फ़लस्तीन को संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 140 से ज़्यादा देशों की ओर से मान्यता प्राप्त हैफ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि उनका देश फ़लस्तीन को इसी साल सितंबर में आधिकारिक तौर पर मान्यता देगा.राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि इसकी औपचारिक घोषणा न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में की जाएगी.उन्होंने लिखा, “आज की सबसे बड़ी ज़रूरत यह है कि ग़ज़ा में युद्ध ख़त्म हो और नागरिकों को बचाया जाए. शांति संभव है. हमें तत्काल युद्धविराम, सभी बंधकों की रिहाई और ग़ज़ा के लोगों को बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता की ज़रूरत है.”फ़लस्तीनी अधिकारियों ने मैक्रों के फै़सले का स्वागत किया है, लेकिन इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने इस क़दम की आलोचना करते हुए कहा कि यह “आतंकवाद को इनाम देने जैसा है.”गुरुवार को एक्स पर अपने पोस्ट में मैक्रों ने लिखा, “मध्य पूर्व में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रति अपनी ऐतिहासिक प्रतिबद्धता के तहत, मैंने फ़ैसला लिया है कि फ़्रांस फ़लस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देगा.”उन्होंने कहा, “हमें हमास का विसैन्यीकरण (हथियारों से मुक्त करना) सुनिश्चित करना होगा, साथ ही ग़ज़ा को सुरक्षित बनाना और उसका पुनर्निर्माण भी करना होगा.”हाल के समय में फ़लस्तीन को संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 140 से ज़्यादा देशों की ओर से मान्यता प्राप्त है.स्पेन और आयरलैंड सहित कुछ यूरोपीय संघ के देश भी इनमें शामिल हैं.लेकिन इसराइल के मुख्य समर्थक अमेरिका और ब्रिटेन सहित उसके सहयोगियों ने फ़लस्तीन को मान्यता नहीं दी है.



Source link

Scroll to Top